Electronic Voting Machine | क्या 2014 चुनावों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हुई है ? सईद शुज़ा | EVM | हिंदी

Electronic Voting Machine | क्या 2014 चुनावों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हुई है ? सईद शुज़ा | EVM | हिंदी 

आजकल एक खबर चर्चा में बनी हुई है, मुद्दा ईलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से जुड़ा है। सईद शुज़ा (सैयद हैदर अहमद) जो खुद को साइबर विशेषज्ञ बताते हैं। वे बिन्स सोल्युशन इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड में कार्यरत थे। वे दावा करते हैं की उन्होंने की जगह काम किया है। लेकिन 2009-2014  वे ईसीआईएल हैदराबाद सनत नगर में रहे। और उन्होंने कहा कि माता पिता समेत 11 लोगो की हत्या की गयी।जिसका आरोप जी। किशन रेड्डी पर इन हत्याओं का आरोप लगा है। जिसे उन्होंने सिरे से ख़ारिज कर दिया है। 

                                      वास्तव में क्या हुआ।

 बाकौल शुजा, चौदह लोगो की एक टीम जिसमें वो खुद भी थे। कहा गया कि ईवीएम को हैक करके दिखाइए उनकी टीम को कि शायद उन्हें किसी मशीन की खामियां बताने कहा जा रहा है। उनकी टीम ने कुछ समय बाद उन्हें बता दिया  इस इस तरहसे  ईवीएम को हैक किया जा सकता है। उसके बाद उनकी टीम से कहा गया कि अब ऐसी मशीन बनाइए जो हैक नहीं हो सकती। उन्होंने  टीम ने मिलकर ऐसी मशीन तैयार की जिन्हें हैक नहीं किया जा सकता था। लेकिन इन्हें और इनकी टीम को नहीं पता था कि इनकी बनाई मशीन सिर्फ प्रोटोटाइप मात्र रह जाएगी और जिन मशीनों। मे गड़बड़ी की  सकती है। उन्हें चुनावों  भेज दिया जाएगा। और फिर २०१४ में काफी लो रेंज की फ्रीक्वेंसी के माध्यम से ईवीएम  हैक किया गया और चुनाव के परिणामों को अपनी पार्टी के अनुकूल बनाया गया। उन्होंने बताया कि WiFi या ब्लूटूथ  जरिए इसे बिल्कुल भी हैक नहीं किया जा सकता।

             2014 चुनावों के कुछ दिन पहले इनमे से 12 लोगो को जिसमें शुजा भी शामिल थे , को हैदराबाद बुलाया कहा यह गया कि भाजपा के कोई नेता उनसे मिलना चाहते है।  जहां एक गनमैन ने उन सब पर कुछ भी कहे बिना गोलियां चलानी शुरू कर दी जिसमें इन्हें भी गोली लगी। और जब उनकी आंख खुली और होश में आए तो ये एक गाड़ी में लाशों के बीच थे। और वहां से भाग निकले और अपनी जान बचाई। इसके अगले ही दिन हैदराबाद में एक सामुदायिक हिंसा करवाई गई  जो मुस्लिम और सिख के बीच जिसमें कुछ लोगो  मारने  खबर आयी जिसमें इन 11 मौतों को दिखाया गया। दोस्तो ने इनकी वीजा पासपोर्ट पाने में मदद की और इमग्रेशन ऑफिस में 100 डॉलर की घूस देने के बाद इन्हें अमेरिक में शरण मिली।

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                                    पत्रकार गौरी लंकेश से संबंध 

शुजा ने बताया कि वो गौरी लंकेश के संपर्क में था। और  दोनों मिलकर इसे उजागर करने वाले थे। लेकिन सरकार को इसकी भनक लग गई और उसके बाद कुछ लोगो ने मिलकर गौरी लंकेश की गोली मारकर हत्या कर दी।

                                    राजनीतिक पार्टियों से निकटता

शुजा ने बताया कि लगभग हर राजनीतिक पार्टी ने उनसे पहुंच बनाई । जिनमे भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस  तो आपको पता ही है। क्षेत्रीय पार्टियों ने जैसे समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी उनसे पहुंच बनाई जब पूछा गया कि क्या आम आदमी पार्टी इसमें शामिल थी? तो शुजा। ने बताया कि आम आदमी पार्टी के लोग यह जानना चाहते थे कि इसमें ईवीएम में गड़बड़ी कैसे की जा सकती है। ताकि वो  जनता को बता सके कि इसका गलत उपयोग कैसे किया जा रहा है।

शुजा ने बताया कि जब हमने कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगो को यह बताया कि इसी गड़बड़ियां हुई है। तो उन्होंने दाएं बाएं देखा और कहा “चलते जाओ” और कहा कि अप्रत्यक्ष तरीके से जिम्मेदार हैं।

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     चुनाव आयोग के चैलेंज से पहले मुझ पर हमला हुआ।

बकौल शुजा, चुनाव आयोग ने जब यह चैलेंज दिया कि कोई भी आए और ईवीएम  हैक कर  दिखाए तब शुजा को उस कार्यक्रम में पहुंचना था।  लेकिन कार्यक्रम के ठीक 4  दिन पहले अनपर हमला हुआ जिसमें उन्हें काफी चोटें लगीं।

ऐसे में देश के युवा कहते हैं।कि राजनीती बड़ी गन्दी चीज़ है। तो मैं उनसे कहूंगा कि राजनीती गन्दी नहीं है। उसमे कुछ लोग  गंदे आ गये है।  जिन्हे साफ़ करना देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा ज़रूरी हो गया है। और जिन्हे आप मिलकर ही साफ़ कर सकते है। हर चीज़ के दो पहलु होते है।  में श्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है –

धूमेनाव्रियते वह्निर्यथाऽऽदर्शो मलेन च।

यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा तेनेदमावृतम्।।


                                                               श्लोक 38  अध्याय 3 , श्रीमद्भगवद्गीता

अर्थात हर चीज़ ही दोषपूर्ण है। जिस प्रकार धुएं से अग्नि और मैल से दर्पण ढका रहता है। तथा जिस प्रकार जेर से गर्भ ढाका रहता है,वैसे ही उस काम के द्वारा यह ज्ञान ढका रहता है।     

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